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रायबरेली: हरचंदपुर विधानसभा में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था चरमराई,

रायबरेली: हरचंदपुर विधानसभा में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था चरमराई, त्वरित सुधार न होने पर तहसील स्तर पर होगा व्यापक धरना
रायबरेली जनपद की हरचंदपुर विधानसभा क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति की दयनीय एवं जर्जर स्थिति को लेकर जनप्रतिनिधियों और आमजन के मध्य गहन असंतोष व्याप्त हो गया है। क्षेत्रीय विधायक राहुल शिव गणेश लोधी राजपूत द्वारा ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव को प्रेषित एक औपचारिक पत्र के माध्यम से विद्युत तंत्र की अव्यवस्थित एवं शिथिल कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न अंकित किए गए हैं।
विधायक द्वारा अपने पत्राचार में स्पष्ट रूप से उल्लेखित किया गया है कि संपूर्ण क्षेत्र में निरंतर निम्न वोल्टेज (लो वोल्टेज), आकस्मिक ट्रिपिंग, अनियोजित एवं अनघोषित विद्युत कटौती, जर्जर एवं क्षतिग्रस्त विद्युत लाइनें तथा अत्यधिक भारग्रस्त ट्रांसफार्मरों की समस्या विकराल रूप धारण कर चुकी है। इन समस्याओं के
परिणामस्वरूप न केवल घरेलू उपभोक्ताओं को दैनिक जीवन में बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि कृषि कार्यों एवं स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
उन्होंने यह भी प्रतिपादित किया कि भीषण ग्रीष्मकाल के दौरान विद्युत आपूर्ति में इस प्रकार की अनियमितता जनजीवन को दुरूह एवं कष्टप्रद बना रही है। कृषक वर्ग, जो सिंचाई हेतु विद्युत पर आश्रित है, गंभीर संकट से गुजर रहा है, वहीं लघु एवं मध्यम व्यापारी वर्ग की आर्थिक गतिविधियाँ भी प्रभावित हो रही हैं। ऐसी स्थिति में विद्युत विभाग की उदासीनता अत्यंत चिंताजनक एवं निंदनीय प्रतीत होती है।
विधायक ने अपने वक्तव्य में यह भी कहा कि विद्युत जैसी अनिवार्य एवं आधारभूत सुविधा में इस प्रकार की लापरवाही किसी भी दृष्टिकोण से स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से अपेक्षा की है कि वे त्वरित संज्ञान लेते हुए समस्या के स्थायी निराकरण हेतु ठोस एवं प्रभावी कदम उठाएं। साथ ही, उन्होंने क्षेत्र में विद्युत लाइनों के नवीनीकरण, ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि एवं नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
स्थिति की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए विधायक ने प्रशासन को चेतावनी भी दी है कि यदि शीघ्रातिशीघ्र सुधारात्मक कार्यवाही नहीं की गई, तो जनभावनाओं के अनुरूप तहसील स्तर पर व्यापक धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी किसी भी जनांदोलन की पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासनिक तंत्र की निष्क्रियता पर ही निर्भर होगी।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि वे क्षेत्रीय जनता के हितों की रक्षा हेतु सतत संघर्षरत रहेंगे तथा आवश्यकतानुसार उच्च स्तरीय मंचों पर भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे। उनके इस रुख से यह स्पष्ट परिलक्षित होता है कि जनप्रतिनिधि विद्युत समस्या को लेकर अत्यंत गंभीर एवं प्रतिबद्ध हैं।
उल्लेखनीय है कि क्षेत्र के निवासियों में भी विद्युत व्यवस्था को लेकर गहरा असंतोष व्याप्त है और वे शीघ्र समाधान की अपेक्षा कर रहे हैं। यदि प्रशासन द्वारा समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या व्यापक जनाक्रोश का रूप धारण कर सकती है, जिसके परिणामस्वरूप सामाजिक एवं प्रशासनिक स्तर पर अस्थिरता उत्पन्न होने की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता।